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آخری قعدہ میں امام بھول کر کھڑا ہو گیا تو؟

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زید نماز پڑھا رہاہے اور آخری قعدہ میں ہےاور تشہد اور درود شریف پڑھنے کے بعد پھر زید قعد ہ اولا سمجھ کر کھڑا ہوگیا توایسی حالت میں کیا کرے 🔷ـــــــــــــــ(((((((🕋)))))))ـــــــــــــ🔷 اَلسَلامُ عَلَيْكُم وَرَحْمَةُ اَللهِ وَ بَرَكاتُهُ ســـوال_______ کیا فرما تے ہیں علما ۓ کرام کہ زید نماز پڑھا رہاہے اور آخری قعدہ میں ہےاور تشہد اور درود شریف پڑھنے کے بعد پھر زید قعد ہ اولا سمجھ کر کھڑا ہونے لگا تو مقتدیوں نے اللہ اکبر بولا تو بیٹھ گۓ تو اب علماۓ کرا م یہ بتا ٸں کہ سجدہ سہو کرے گا یا دوسری کوٸ اورسورت ہوگی براۓکرم مدلل جواب سے نوازیں  ساٸل : مُحَمَّد جعفر صادق پورنیہ بہار ◆ـــــــــــــــــــــ(🔸🌺🔹)ــــــــــــــــــــــ◆ وعلیکم السلام ورحمتہ الله وبرکاتہ   الجواب بعون الملک الوھاب قعدہ آخیرہ میں بھول کر سیدھا کھڑا ہوجائے یا کھڑے پونے کے قریب ہوجائے یعنی بدن کا نصف زیریں سیدھا اور پیٹھ میں خم باقی رہے کہ مقتدی کے لقمہ دینے پر یا خود بیٹھ جائے تو قعدہ آخیرہ کی ادائیگی میں تاخیر کے سبب سجدہ سہو ضروری ہے جیسا کہ ان لم يقعد على رأس الرابعة حتى قام الى الخامسة ان تذكر قبل...

(मस्जिदे अक़्सा में नमाज़ पढ़ने का सवाब)

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(मस्जिदे अक़्सा में नमाज़ पढ़ने का सवाब) ✍️हज़रते सय्यिदुना अबू दरदा रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु' से रिवायत है कि *हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ ने फ़रमाया: मस्जिदे ह़राम में नमाज़ पढ़ना दीगर मसाजिद में एक लाख नमाज़ें पढ़ने से अफ़्ज़ल है, और मेरी मस्जिद (मस्जिदे न-बवी) या’नी मदीना में एक हज़ार नमाज़ें पढ़ने से, और बैतुल मुक़द्दस में पांच सो नमाज़ें अदा करने से अफ़्ज़ल है।* ✍️एक और रिवायत में है कि *मस्जिदे ह़राम (या’नी मक्का) में एक नमाज़ पढ़ना दीगर मसाजिद में एक लाख नमाज़ें पढ़ने, और मस्जिदे न-बवी शरीफ़ (या’नी मदीना) में एक हज़ार नमाज़ें पढ़ने से अफ़्ज़ल है और बैतुल मुक़द्दस में एक नमाज़ पढ़ना आ़म मसाजिद में पांच सो नमाज़ें पढ़ने से अफ़्ज़ल है।* *📕الترغیب والترہیب، کتاب الحج، ج٢، رقم ١٠، ص١٤٠)* 📗जन्नत में ले जाने वाले आमाल' हदीस-223, पेज़ नं 98/99/100) ✍️हज़रते सय्यिदुना अ़ब्दुल्लाह बिन अ़म्र रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु' से रिवायत है कि *हुज़ूर नबिय्ये करीम ﷺ ने फ़रमाया: जब हज़रते सय्यिदुना सुलैमान बिन दावूद अलैहिस्सलाम' बैतुल मुक़द्दस की ता’मीर से फ़ारिग़ हुए तो उन्हों ने अल्लाह अ़...

नाम

 कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़...

ھفاطا

 بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُ بَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُوْنُبَدِیْعُ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِؕ-وَ اِذَا قَضٰۤى اَمْرًا فَاِنَّمَا یَقُوْلُ لَهٗ كُنْ فَیَكُو...
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